Lifesaver Hindi

- हमारा लक्ष्य - लाइफसेवर में किसी को भी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी दी जा सकती है।



Lifesaver

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

Health|हेल्थ |hindi

हेल्थ 


एक लंबे समय तक स्वास्थ्य को शरीर और मन की ऐसी स्थिति माना गया , जिसमें देह के कुछ तरलों ( ह्यूमर ) का संतुलन बना रहता था । प्राचीन यूनानवासी जैसेकि हिप्पोक्रेटीज और चिकित्सा का भारतीय आयुर्वेद तंत्र भी यही दावा करते थे । ऐसा माना जाता था कि ' काले पित्त ' ( ब्लैक बाइल ) वाले व्यक्ति गरम व्यक्तित्व वाले होते हैं और उन्हें बुखार होता है । इस प्रकार के निष्कर्ष का कारण मात्र विमर्शी , विचारधारा थी । विलियम हार्वे द्वारा प्रयोगात्मक विधि अपनाते हुए रक्त परिसंचरण की खोज और थर्मामीटर का उपयोग करते हुए काले पित्त वाले व्यक्तियों के शरीर का तापमान प्रसामान्य दशाने से स्वास्थ्य के ' अच्छे तरल ' की परिकल्पना ( हाइपोथिसिस ) को गलत सिद्ध कर दिया । कुछ वर्षों बाद जैविकी ने बताया कि तंत्रिका तंत्र ( न्यूरल सिस्टम ) और अंत : स्रावी तंत्र ( इंडोक्राइन सिस्टम ) हमारे प्रतिरक्षा तंत्र ( इम्यून सिस्टम ) को प्रभावित करता है और हमारा प्रतिरक्षा तंत्र हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखता है । इस प्रकार मन और मानसिक अवस्था हमारे स्वास्थ्य पर असर डालती हैं । नि : संदेह , स्वास्थ्य निम्नलिखित बातों से प्रभावित होता है -

आनुवंशिक विकार ( जेनेटिक डिसऑर्डर ) 


- वे अपूर्णताएँ जिन को लेकर बच्चा जन्मता है और वे अपूर्णताएँ जो बच्चे को जन्म से ही माँ - बाप से वंशागत रूप से मिलती हैं । 

संक्रमण और


हमारी जीवन शैली


 जिसमें , जो खाना हम खाते हैं और पानी हम पीते हैं , जो विश्राम हम शरीर को देते हैं और जो व्यायाम हम करते हैं , जो स्वभाव हमारे भीतर है और जिनकी हममें कमी है ; आदि शामिल हैं । हम सभी स्वास्थ्य शब्द का प्रयोग धड़ल्ले से करते हैं । इसकी क्या परिभाषा हैं ? स्वास्थ्य का अर्थ मात्र ‘ रोग की अनुपस्थिति ' अथवा ' शारीरिक स्वस्थता ' नहीं हैं । इसे पूर्णरूपेण शारीरिक , मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है । जब लोग स्वस्थ होते हैं तो वे काम में अधिक सक्षम होते हैं । इससे उत्पादकता बढ़ती हैं और आर्थिक संपन्नता आती है । स्वास्थ्य से लोगों का आयुकाल बढ़ता है और शिशु तथा मातृ मृत्युदर में कमी होती हैं । 

अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलित आहार , व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित व्यायाम बहुत महत्त्वपूर्ण हैं । शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पाने के लिए अतिप्राचीन काल से योग का अभ्यास किया जा रहा हैं । रोग और शरीर के विभिन्न प्रकार्यों पर उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता , संक्रामक रोगों के प्रति टीकाकरण ( प्रतिरक्षीकरण ) , अपशिष्टों ( वेस्ट ) का समुचित निपटान , रोगवाहकों ( वेक्टर्स ) का नियंत्रण एवं खाने और पानी के संसाधनों का स्वच्छ रखरखाव अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं । | जब शरीर के एक या अधिक अंगों या तंत्रों के प्रकार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और विभिन्न चिह्न और लक्षण प्रकट होते हैं तो हम कहते हैं कि हम स्वस्थ नहीं हैं । अर्थात् हमें रोग हो गया है । रोगों को मोटे तौर पर संक्रामक और असंक्रामक समूहों में बाँटा जा सकता है । जो रोग एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से संचारित हो सकते हैं , उन्हें संक्रामक रोग कहते हैं । संक्रामक रोग बहुत आम है और हम सब कभी न कभी इसके शिकार हुए हैं । कुछ संक्रामक रोग , जैसेकि एड्स , घातक होते हैं । असंक्रामक रोगों में कैंसर मृत्यु का प्रमुख कारण है । नशीले पदार्थों ( ड्रग ) और ऐल्कोहल का कुप्रयोग भी हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें