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मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

मधुमेह |Diabetes|hindi|lifesaver

मधुमेह

इंटरनेशनल डायबिटीज फाउंडेशन के अनुसार भारत को विश्व के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक मधुमेह से ग्रस्त है | मधुमेह के वर्तमान समय में 62 मिलियन से अधिक भारतीय, जो की वयस्क जनसंख्या का 7.1% से भी अधिक, को प्रभावित कर सकता है।भारत में लगभग 1 लाख लोग मधुमेह होने के कारण मर जाते हैं।
भारतीय हृदय संघ के अनुसार भारत 2030 में मधुमेह से होने वाले लगभग 110 मिलियन व्यक्तियों के घर होने की परियोजना कर रहा है।मधुमेह एक गंभीर बीमारी है जिसमें एक व्यक्ति का शरीर रक्त में चीनी के स्तर को नियंत्रित नहीं कर सकता है।

मधुमेह के प्रकार

टाइप 1 डायबिटीज मैलेटस।
टाइप 2 डायबिटीज मैलेटस।
गर्भकालीन मधुमेह

प्रकार 1 मधुमेह मेलेटस (टी 1 डीएम)

T1DM को किशोर मधुमेह के रूप में भी जाना जाता है यह रोग प्राय: बच्चों में होने के कारण जब बीटा कोशिकाओं के कमजोर होने से ऑटोइम्यून डिजीज आदि होने से शरीर में अग्न्याशय (पैनक्रियाज) की मात्रा बढ़ जाती है।जिन लोगों को टाइप-1 डायबिटीज है वे नकली इंसुलिन पर निर्भर हैं।जीने के लिए रोजाना इंसुलिन लेने के लिए आवश्यक है।t1 डीएम स्व-प्रतिरक्षी या अज्ञाकारण हो सकता है और इंसुलिन की कमी के 9% मामलों में मौजूद है।

प्रकार 2 मधुमेह मेलेटस (टी 2 डीएम)


इस मामले में शरीर में टी 2 डीएम प्रभावी मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।भारत में टाइप 2 मधुमेह आमतौर पर शहरी क्षेत्रों में पाया जाता है।आनुवंशिक इतिहास, कम सक्रिय जीवन शैली, मोटापा, प्रतिदिन कैलोरी का अधिक उपभोग आदि के कारण…टी 2 डीएम में व्यक्ति को संतुलन स्वस्थ आहार लेना होगा और रोजाना व्यायाम करना होगा करीब 50% रोगी 40 वर्ष की आयु के हैं।

गर्भकालीन मधुमेह

यह गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में होता है जब शरीर इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है।गर्भावधि मधुमेह सभी महिलाओं में नहीं होता है, जन्म गर्भावस्था के बाद मधुमेह अपने आप को सही करता है|

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