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- हमारा लक्ष्य - लाइफसेवर में किसी को भी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी दी जा सकती है।



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रविवार, 14 अप्रैल 2019

डेंजरस कोलेस्ट्रोल ऐसे कहें गुड बाय

डेंजरस कोलेस्ट्रोल ऐसे कहें गुड बाय

ले ही लोग विस्तार से इसके बारे में न जानते हों लेकिन एक बात तो पक्की है कि ' कॉलेस्ट्रॉल ' खराब होता है , यह सभी जानते हैं । हम में से ज्यादातर लोग इसका शिकार बनने से डरते भी हैं । इसका उच्च स्तर कई बीमारियों की वजह बनता है जैसे हृदय रोग, रक्तचाप और डायबिटीज,लेकिन कॉलेस्ट्रॉल इन सबका जिम्मेदार नहीं होता । लीवर द्वारा उत्पादित यह लिपिड ( वसा का एक प्रकार ) हमारे शरीर की कई प्रक्रियाओं के लिए बहुत महत्व का है जैसे कि दिमाग में मौजूद तंत्रिका कोशिकाओं को इंसुलेट करना और कोशिकाओं के लिए ढांचा प्रदान करना । वास्तव में समस्या तब उत्पन्न होती हैं जब हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( एचडीएल ) का स्तर कम होने लगता है। दूसरी तरफ लो - डेंसिटी लिपोप्रोटीन( एलडीएल) दिल की धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा पड़ जाता है और दिल व उसकी धमनियों के रोग या कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां हो जाती है । इस बात पर गौर करें किसका बढ़ना और किसका घटना दिल की बीमारियों का कारक है । फोर्टिस हॉस्पिटल में न्यूट्रीशनिस्ट एवं वेट लॉस कंसल्टेंट कहते हैं जीवनशैली में स्वास्थ्यवर्धक बदलाव करना और उन खाद्य पदार्थों की खपत घटाना जो दिल के रोग की संभावना बढ़ाते हैं , बेहद अहम है । उच्च कॉलेस्ट्रॉल स्तर से किसी भी किस्म के शरीर में हृदय रोग हो सकते हैं । इसलिए अपने कॉलेस्ट्रॉल को नियमित तौर पर चैक करें चाहे आप वजन, शारिरिक गतिविधि और खुराक कैसी भी हो।

खराब कॉलेस्ट्राल 

खराब कॉलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए पहले उन खाद्य पदार्थों को त्यागे जिनमें सैचुरेटिड फैट व ट्रांस फैट बहुत ज्यादा होता है । कई पैकेज्ड फूड जैसे आलू चिप्स व बेकरी उत्पादों ( जिनमें मैदा इस्तेमाल होता है) में फाइबर यानी रेशे बहुत कम होते हैं और उनमें ट्रांस फैट अत्याधिक होता है । इसके अलावा , कुकिंग ऑयल को बार - बार इस्तेमाल करने से ट्रांस फैट का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है । रेड मीट ( लाल मांस) का सेवन । करने , मलाई युक्त दूध पीने , घी व नारियल तेल का भोजन में उपयोग करने से रिस्क में बढ़ोतरी होती है क्योंकि इनमें सैचुरेटिड फैट्स अत्यधिक होते हैं । ऐसी चीजों का सेवन कम करें और उनकी जगह पर ताजे व बिना प्रोसेस किए गए अद्य पदार्थ लें ।

  • उच्च कॉलेस्ट्रॉल से किसी को भी हृदय रोग हो सकता है ।
  • खराब कॉलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए पहले उन खाद्य पदार्थों को त्यागे जिनमें सैचुरेटेड फैट व ट्रांस फैट बहुत ज्यादा होता है। 
  • अलसी के बीज , सूरजमुखी के बीज को खुराक में शामिल करने से अच्छे कॉलेस्ट्रॉल बढ़ेगा। 
  • रोज 30 मिनट की कसरत भी जरूर करें | 

फाइबर के प्रकार 

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेटाबोलिक एंड बेरियाट्रिक सर्जरी यूनिट के निदेशक ने कहा कि फाइबर यानी रेशे ( आहारीय ) दो किस्म के होते हैं - सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल । अपने आहार में सॉल्यूबले फाइबर की मात्रा बढ़ा दे। वैसे तो ये दोनों ही दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन सॉल्यूबल फाइबर रिस्क के स्तर को घटाने में मददगार होते हैं। इसलिए अपनी खुराक में ओटस् और ओट ब्रैन , फल , बीन्स , दालें व सब्जियां शामिल करें । इसी प्रकार ठंड में घर में बना ताजा सूप , हरी पत्तेदार सब्जियों व सलाद का सेवन करें ये आप के लिपिट प्रोफाइल में सुधार करेंगे । अन्य प्रभावी बदलाव जो आप कर सकते हैं वह है मक्खन जैसे उच्च सैचुरेटेड फैट युक्त उत्पादों की जगह पर कम वसा युक्त विकल्पों को रखें जैसे लो फैट टेबल स्प्रेड्स, लो फैट टेबल स्प्रेड्स सेहत के लिए अच्छे होते हैं ।

यह भी करें 

अपने कॉलेस्ट्रॉल को स्वस्थ स्तर तक सुधारने की कोशिश में मेवों को भी अपनी खुराक में शुमार करें विशेषकर पिस्ता को । एक अध्ययन में पाया कि पिस्ता का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है , ये कुदरती तौर पर कॉलेस्ट्रॉल फ्री होते है और प्रोटीन , फाइबर व ऐटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होते हैं । पिस्ता के ये गुण उन लोगो के लिए खास तौर पर लाभकारी हैं जिन्हें मोटापे व हृदय रोगों का जोखिम है । साबुत अनाज , बिना प्रोसेस किए गए खाद्यों , फलों व सब्जियों को अपने दैनिक आहार में अपनाएं । अलसी के बीज , सूरजमुखी के बीज को खुराक में शामिल करने से अच्छा कॉलेस्ट्रॉल (बढिया काॅलेस्ट्रॉल) बढ़ेगा।

रोज 30 मिनट की कसरत जरूरी 

रोजाना तेज चाल से चलें , साइकिल चलाएं , तैराकी करें या फिर अपना पसंदीदा खेल खेले , ये सब बहुत फायदेमंद साबित होंगे ।

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